पापड़

आपने जितने पापड़ अब तक बेलें हैं,
हमनें उणमें से एक अभी तक न देखें हैं।
आपकी तो उमर है कुछ कर कमाने की,
हमारी तो अभी शुरवात है बनने की बनाने की।
आप का दौर है अभी नहीं तो कभी नहीं,
हमारा अभी नहीं तो फिर कभी।
बुढ़ापा थोड़ी है जवानी है, दीवानी है!
वो जो प्यास है आज की, उसे बुझानी है।
कल का सोचेंगे वो दौर भी आएगा। 
आज फिर लौट कर नहीं आएगा।
अभी कर लूं गलतियां संभल जाऊंगा,
कल मैं भी आप बन जाऊंगा।
जहां दुकानें कम जंजाल ज्यादा,
रिश्ते कम बवाल ज्यादा।
उत्तर कम सवाल ज्यादा,
प्यार कम देखभाल ज्यादा।
बेरोजगार फिर भी कहेगें समय नहीं है ज्यादा,
करेंगें आधा चाहेगें ज्यादा।
पेंशन कम टेंशन ज्यादा,
जिंदगी कम मौत ज्यादा। श्री ✍️।