तुनिशा शर्मा सुसाइड केश हकीकत और फसाना


तुनिशा शर्मा के सुसाइड केश में अब तक की आ रही खबरों से यह निष्कर्ष निकला है कि शीजान खान और तुनिशा शर्मा आपस में अफेयर में थे इसके बाद दोनों में एक दूसरे के प्रति कुछ शंकाएं पैदा हुई शीजान खान के कुछ अफेयर और थे जिससे तुनिशा शर्मा ने विरोध किया होगा और उनकी आपस में खटपट हुई होग। बात इतनी आगे बढ जाती है की ब्रेकअप की नौबत आ जाती है।
16 दिसंबर को एंजाइटी अटैक आता है तुनिशा हॉस्पिटलॉइज होती हैं जहां पर डॉक्टर  
हैवी वर्क का स्ट्रेस बताकर कहते हैं एंजाइटी का अटैक आया था। स्ट्रेस से बचें, और अच्छी नींद लें। हॉस्पिटल में मिलने गई मां से वो कहती है कि उनके साथ धोखा हुआ है धोखा हुआ...। मां समझाने की कोशिश करती हैं और फिर धीरे धीरे सब नार्मल हो जायेगा ऐसा समझाती हैं। तब मां ये पता नहीं होता है की ये मामला इतना गंभीर हो जायेगा। तुनिशा भी शायद ऐसा ही सोचती है और बात को आगे नहीं बढ़ाती हैं। लेकिन वो सारी बात जो उनके जहन में चल रही थी वो सामने नहीं आती है। 
दूसरी खबर उनके प्रेगनेंसी को लेकर आई जिस पर उनकी मां ने चुप्पी साध रखा है उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया है अभी कुछ भी कंफर्म नहीं है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार करना पड़ेगा। बॉडी घर पर नहीं लाया गया है बॉडी को सुरक्षित रखा गया है और उनके परिजन इंग्लैंड में है कुछ चंडीगढ़ में है वह इकट्ठे होंगे तो यह अंतिम संस्कार का कार्य 27 दिसंबर को रखा गया है। तब तक पोस्टमार्टम की रिपोर्ट भी आ जाएगी कई सारे सवाल हैं जिनका जवाब अभी सामने आना बाकी है।
तुनिशा अपने और शीजान के साथ रिश्ते को लेकर शीजान के अफेयर की खबरों को सुनकर बहुत संजीदा थी। उससे पैदा हुए विवाद और अन्य खबरें जाहिर है काफी उलझन भरी रही होंगी। जिन्दगी में सफलता की सीढियां चढ़ती अभिनेत्री ने ऐसा कदम क्यों उठाया। 
पुलिस ने शीजान के खिलाफ आईपीसी की धारा 306 आत्महत्या के अंतर्गत केश दर्ज कर लिया है। स्पेशल कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए शीजान को पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। जहां पुलिस सुसाइड से जुड़े सवालों के बारे में पूछ्ताछ करेगी।
पुलिस ने उनके बीच संबंधों को एक्सेप्ट किया है और ये भी माना की उनके बीच सब ठीक नहीं चल रहा था।
ऐसा पहली बार नहीं है जब किसी अभिनेत्री ने सुसाइड किया है। लेकिन ये सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है दिव्या भारती से लेकर आज तक जब खूबसूरत अभिनेत्री सफलता की सीढ़ियां चढ़ रहीं होती हैं उस समय ऐसा क्या हो जाता है की सुसाइड का निर्णय लेना पढ़ता है? इस बड़े और गंभीर मुद्दे के साथ छोड़ जाते हैं आपको। जल्द मिलेंगें ऐसे ही गंभीर सवालों और उनके जवाबों के साथ। आप पढ़ते रहिए श्री मीडिया ब्लॉग कलम के निशां।
मैं आपका होस्ट और दोस्त श्री करता हूं आपको फ्री। आपसे लेता हूं विदा बाबाय।
 

तुनिशा के मामा ने बताया शिजान खान को सुसाइड का जिम्मेदार

तुनिशा सुसाइड केस में आया बड़ा बयान मामा ने बताया शिजान खान को सुसाइड का जिम्मेदार।
आपको बता दें कि शिजान खान के वकील ने तुनिशा सुसाइड केश में बयान दिया है की  सुसाइड का कारण ब्रेकअप नहीं है क्योंकि वो तो बहुत पहले हो चुका है। 
इसके जवाब में तनीशा के मामा ने आरोप लगाया है और तनीशा के सुसाइड का जिम्मेदार शिजान खान को बताया है।
मीडिया के अन्तिम संस्कार कब कर रहे पर जवाब देते हुए पवन जी ने बताया की लंदन से तनीशा की मासी आ रहि है और कुछ रिश्तेदार चढ़ीगढ़ से उनके आने के बाद। 27 की डेट बताई है।
फिल्हाल स्पेशल कोर्ट ने शिजान खान को पूछताछ के लिए को पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। ओर पोस्टमार्टम रिर्पोट अभी आई नहीं है तो कुछ भी कह पाना मुश्किल होगा। 
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बॉयफ्रेंड से ब्रेकअप के कारण तुनिशा शर्मा ने सेट पर किया सुसाइड

सब टीवी फेम सीरियल अलीबाबा दस्ताने काबुल की शहजादी मरियम ने किया सुसाइड सुसाइड के कारणों का पता नहीं चल पाया है।
फेमस सीरियल अलीबाबा दस्ताने काबुल की शहजादी मरियम अभिनेत्री तुनिशा शर्मा ने सेट पर सुसाइड कर लिया है। सुसाइड का पता चलने पर पुलिश ने बॉडी को कस्टडी में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेजा दिया है। सुसाइड के कारणों का पता नहीं चल पाया है। मीडिया खबरों की मानें तो वो अफेयर में थी कुछ दिनों पहले बॉयफ्रेंड शीजान खान के साथ शीजान के कई अफेयर को लेकर अनबन हो गई थी और फिर ब्रेकअप कर लिया था इसी बात को लेकर शायद तुनिशा इनसेक्योर फील कर रहीं थीं। जिसके बाद उन्होंने ये कदम उठाया। 
मीडिया में उनके प्रेगनेंसी की भी खबरें थीं हालांकि रिर्पोट में डॉक्टर्स ने प्रेगनेंसी की खबरों को गलत बताया है। 
सुसाइड के बाद मीडिया को दिए बयान में तुनिशा के अंकल संजीव शर्मा ने बताया की रात में उसके डॉक्टर्स और मां से फोन पर तनिषा के मां से बात हुई थी और वो डिप्रेशन में थी। और वो काम को लेकर बहुत पैसनेट थी उसे अपने कैरियर को बहुत ऊंचाई पर लेजाना था, अपने सपने जीना चाहती थी। अपने मां से बहुत प्यार करती थी। मेरी बेटी जैसी थी। 
सुसाइड सवाल के जवाब में संजीव ने कहा कि उसका सेट पर मेकअप रुम में जाकर सुसाइड कर लेना इसमें जरुर कुछ बात है जो शीजान  छिपा रहा है। उससे पूछताछ चल रही है और मैं उसको निर्णय तक लेकर जाऊंगा जो भी हो उसे सजा मिलनी चहिए। 
तुनिशा स्ट्रेस में थी क्या कुछ लास्ट बात हुई आपसे, के जवाब में उन्होंने बताया की वो अभी 19 साल की थी। इतने कम उम्र में इतना सब कुछ करना तो वर्क लोड होता है। बीच में वो थोड़ा परेशान थी मगर उसकी मां से जो बात हुई उन्होंने बताया की ऐसा कुछ नहीं था। 
शादी का दबाव था क्या के जवाब में उन्होंने कहा कि नहीं ऐसा कुछ नहीं था अभी 19 साल की है वो और जहां तक मैं जनता हूं शीजान 28 का है। मैं कभी उससे मिला नहीं हूं। 
आपको लगता है इसमें धर्म को लेकर कुछ असहमति थी इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा की ऐसा कुछ नहीं था। तो मैं धर्म को बीच में लाकर कोई कंट्रोवर्शी नहीं चाहता।
उनके मां से बात नहीं हो पाई क्योंकि उनकी तबीयत ठीक नहीं है वो इस गहरे सदमे हैं। 
ताजा जानाकारी के अनुसार उनके रिश्तेदार चंडीगढ़ और लंदन के उनके रिलेटिव आ रह हैं फिलहाल उनका इंतजार किया जा रहा है। अंतिम संस्कार तभी किया जाएगा। 
सुसाइड के सही कारणों की जानकारी पोस्टमार्टम रिर्पोट के बाद ही मिलेगी। 
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प्रदेश में कोल्ड स्टोरेज की कमी से किसान परेशान

 उत्तर प्रदेश में शीत भंडारण गृह की व्यापक मांग है जिसके सापेक्ष समुचित भंडारण गृह की व्यवस्था नही हैं। जिसकी कमी किसानों को बहुत खल रही है। फसल का समुचित भंडारण ना हो पाने से किसानों को फसल के लगता के अनुरूप मुनाफा नहीं मिल पाता है। 

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के तहत संचालित व हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला स्थित केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान के निदेशक डॉ. स्वरूप कुमार चक्रवर्ती ने बताया कि 

उत्तर प्रदेश में वर्ष 2022 में करीब 140 लाख टन आलू का उत्पादन हुआ है। जो की देश का सबसे ज्यादा आलू उत्पादन करने वाला राज्य है। लेकिन आलू के निर्यात में गुजरात अव्वल है। जो 25 फीसदी आलू का निर्यात करता है। आलू निर्यात में पिछड़ने की वजह है फसल का सही रख रखाव न हो पाना। 

एक रिपोर्ट के अनुसार उत्तर प्रदेश में कुल उतापदन का लगभग 15 से 20 फ़ीसदी फसल का उचित भंडारण नहीं हो पता हैं। किसान फसलों को लेकर कई कई दिनों तक लाइन लगाता है फिर भी उसे कोल्डस्टोर में उसकी फसल रखने की जगह नहीं मिल पाती है। टैक्टर ट्रॉली लेकर आए किसान फसल ना स्टोर किए जाने पर वहीं पलट कर चलें जातें हैं। 

प्रदेश में लगभग 2700 निजी और सरकारी शीत भंडारण गृह हैं। जिनकी अनुमानित भंडारण क्षमता लगभग 120 से 125 लाख मीट्रिक टन है।इस तरह से प्रदेश में 140 लाख मीट्रिक टन के उत्पादन के अनुसार लगभग इस बार भी 14 से 15 लाख मीट्रिक टन का उचित लाभ किसानो को नहीं मिल पायेगा।

देश में आलू के निर्यात की काफी संभावना है। चीन के बाद भारत दूसरा सबसे बड़ा आलू उत्पादक देश है । निर्यात बढ़ने से प्रदेश के किसानों को उनकी फसल का अच्छा भाव मिलेगा। लेकिन उसके लिए आवश्यक है फसल का उचित भंडारण तथा बिक्री।

कोल्ड स्टोरेज या शीत भंडारण गृह की आवश्यकता क्यों 

आपको बता दें कि शीत भण्डारण गृह का उपयोग आपके घर की फ्रिज की तरह ही होता हैं। जहां बड़े पैमाने पर सब्जी और फलों का स्टोर किया जाता हैं 

जिसेसे उनका बिना गुणवत्ता कम किए इस्तेमाल तब भी क्या जा सके जब वो खेत में उपलब्ध ना हों। 

प्रमुख रूप से सब्जी में आलू, कद्दू, प्याज और लहसुन का स्टोरेज किया जाता है। फल में सेब, संतरा, आम, अनार, अन्नास, केला जैसे प्रमुख फसल है।

कोल्ड स्टोरेज की अनुपलब्धता से नुकसान 

देश में आलू उत्पादन प्रति वर्ष बढ़ रहा है किंतु उस अनुपात में आलू के स्टोर की मात्रा घट रही है। जिसके कई दुष्परिणाम है जैसे 

1 पर्याप्त शीत भण्डारण गृह ना उपलब्ध होने के कारण फसलें बर्बाद होती है। अधिकतर किसानों के फसल का सही भंडारण ना होने की वजह से सड़ जाती हैं और कुछ किसान परेशान होकर औने पौने दामों में व्यापारियों को बेच देते हैं।

2 फसल का उचित विक्रय नहीं होने से किसानों की आय में कमी। 

3 निर्यात में कमी। जिसके वजह से विदेशी मुद्रा कोष में घाटा।

कोल्ड स्टोरेज चलाने की समस्या 

कोल्ड स्टोरेज चलाने के लिए बड़े पैमाने पर बिजली लगती और अमोनिया गैस सिलेंडर लगता है।अब कहीं बिजली की समस्या है तो कहीं अमोनिया की। कुछ ऐसे स्टोरेज हैं जो बैंक लोन नहीं चुका पाए। इस लिए कई कोल्ड स्टोर तो बंद पड़ें हैं।

अगर बात की जाए कोल्ड स्टोरे के निर्माण की तो भारत सरकार ने इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार किया है और कोल्ड स्टोरे निर्माण के लिए अनुदान एवम् लोन उपलब्ध करा रही है। किंतु व्यापारियों का कहना है सरकार बिजली और अमोनिया उचित मात्रा में उपलब्ध कराए तब जाकर कही यह समस्या हल हो सकती है। 

कोल्ड स्टोर निर्माण के लिए निजी और सरकारी क्षेत्र को मिल कर काम करना होगा। इस क्षेत्र की चुनौतियों का साझा समाधान ढूंढना होगा।

कोल्ड स्टोर संख्या और क्षमता 

कोल्ड स्टोर की संख्या भंडारण क्षमता से अधिक होनी चाहिए। ताकि फसलों को अच्छे से रख जा सके। फसलें सड़े ना बर्बाद होने से बचें। जिससे उत्पादन स्तर और विक्रय स्तर भी सतत और समानुपाती रहे। यदि उत्पाद का समुचित रख रखाव कर उनका विक्रय हो तो किसानों के साथ साथ सरकार को भी मुनाफा होगा। देश की जीडीपी भी बढ़ेगी। यह अपार संभावनाओं का क्षेत्र है।