तुनिशा शर्मा सुसाइड केश हकीकत और फसाना


तुनिशा शर्मा के सुसाइड केश में अब तक की आ रही खबरों से यह निष्कर्ष निकला है कि शीजान खान और तुनिशा शर्मा आपस में अफेयर में थे इसके बाद दोनों में एक दूसरे के प्रति कुछ शंकाएं पैदा हुई शीजान खान के कुछ अफेयर और थे जिससे तुनिशा शर्मा ने विरोध किया होगा और उनकी आपस में खटपट हुई होग। बात इतनी आगे बढ जाती है की ब्रेकअप की नौबत आ जाती है।
16 दिसंबर को एंजाइटी अटैक आता है तुनिशा हॉस्पिटलॉइज होती हैं जहां पर डॉक्टर  
हैवी वर्क का स्ट्रेस बताकर कहते हैं एंजाइटी का अटैक आया था। स्ट्रेस से बचें, और अच्छी नींद लें। हॉस्पिटल में मिलने गई मां से वो कहती है कि उनके साथ धोखा हुआ है धोखा हुआ...। मां समझाने की कोशिश करती हैं और फिर धीरे धीरे सब नार्मल हो जायेगा ऐसा समझाती हैं। तब मां ये पता नहीं होता है की ये मामला इतना गंभीर हो जायेगा। तुनिशा भी शायद ऐसा ही सोचती है और बात को आगे नहीं बढ़ाती हैं। लेकिन वो सारी बात जो उनके जहन में चल रही थी वो सामने नहीं आती है। 
दूसरी खबर उनके प्रेगनेंसी को लेकर आई जिस पर उनकी मां ने चुप्पी साध रखा है उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया है अभी कुछ भी कंफर्म नहीं है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार करना पड़ेगा। बॉडी घर पर नहीं लाया गया है बॉडी को सुरक्षित रखा गया है और उनके परिजन इंग्लैंड में है कुछ चंडीगढ़ में है वह इकट्ठे होंगे तो यह अंतिम संस्कार का कार्य 27 दिसंबर को रखा गया है। तब तक पोस्टमार्टम की रिपोर्ट भी आ जाएगी कई सारे सवाल हैं जिनका जवाब अभी सामने आना बाकी है।
तुनिशा अपने और शीजान के साथ रिश्ते को लेकर शीजान के अफेयर की खबरों को सुनकर बहुत संजीदा थी। उससे पैदा हुए विवाद और अन्य खबरें जाहिर है काफी उलझन भरी रही होंगी। जिन्दगी में सफलता की सीढियां चढ़ती अभिनेत्री ने ऐसा कदम क्यों उठाया। 
पुलिस ने शीजान के खिलाफ आईपीसी की धारा 306 आत्महत्या के अंतर्गत केश दर्ज कर लिया है। स्पेशल कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए शीजान को पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। जहां पुलिस सुसाइड से जुड़े सवालों के बारे में पूछ्ताछ करेगी।
पुलिस ने उनके बीच संबंधों को एक्सेप्ट किया है और ये भी माना की उनके बीच सब ठीक नहीं चल रहा था।
ऐसा पहली बार नहीं है जब किसी अभिनेत्री ने सुसाइड किया है। लेकिन ये सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है दिव्या भारती से लेकर आज तक जब खूबसूरत अभिनेत्री सफलता की सीढ़ियां चढ़ रहीं होती हैं उस समय ऐसा क्या हो जाता है की सुसाइड का निर्णय लेना पढ़ता है? इस बड़े और गंभीर मुद्दे के साथ छोड़ जाते हैं आपको। जल्द मिलेंगें ऐसे ही गंभीर सवालों और उनके जवाबों के साथ। आप पढ़ते रहिए श्री मीडिया ब्लॉग कलम के निशां।
मैं आपका होस्ट और दोस्त श्री करता हूं आपको फ्री। आपसे लेता हूं विदा बाबाय।
 

तुनिशा के मामा ने बताया शिजान खान को सुसाइड का जिम्मेदार

तुनिशा सुसाइड केस में आया बड़ा बयान मामा ने बताया शिजान खान को सुसाइड का जिम्मेदार।
आपको बता दें कि शिजान खान के वकील ने तुनिशा सुसाइड केश में बयान दिया है की  सुसाइड का कारण ब्रेकअप नहीं है क्योंकि वो तो बहुत पहले हो चुका है। 
इसके जवाब में तनीशा के मामा ने आरोप लगाया है और तनीशा के सुसाइड का जिम्मेदार शिजान खान को बताया है।
मीडिया के अन्तिम संस्कार कब कर रहे पर जवाब देते हुए पवन जी ने बताया की लंदन से तनीशा की मासी आ रहि है और कुछ रिश्तेदार चढ़ीगढ़ से उनके आने के बाद। 27 की डेट बताई है।
फिल्हाल स्पेशल कोर्ट ने शिजान खान को पूछताछ के लिए को पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। ओर पोस्टमार्टम रिर्पोट अभी आई नहीं है तो कुछ भी कह पाना मुश्किल होगा। 
ताजा जनकायिओं के लिए बने रहिए हमारे साथ।

बॉयफ्रेंड से ब्रेकअप के कारण तुनिशा शर्मा ने सेट पर किया सुसाइड

सब टीवी फेम सीरियल अलीबाबा दस्ताने काबुल की शहजादी मरियम ने किया सुसाइड सुसाइड के कारणों का पता नहीं चल पाया है।
फेमस सीरियल अलीबाबा दस्ताने काबुल की शहजादी मरियम अभिनेत्री तुनिशा शर्मा ने सेट पर सुसाइड कर लिया है। सुसाइड का पता चलने पर पुलिश ने बॉडी को कस्टडी में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेजा दिया है। सुसाइड के कारणों का पता नहीं चल पाया है। मीडिया खबरों की मानें तो वो अफेयर में थी कुछ दिनों पहले बॉयफ्रेंड शीजान खान के साथ शीजान के कई अफेयर को लेकर अनबन हो गई थी और फिर ब्रेकअप कर लिया था इसी बात को लेकर शायद तुनिशा इनसेक्योर फील कर रहीं थीं। जिसके बाद उन्होंने ये कदम उठाया। 
मीडिया में उनके प्रेगनेंसी की भी खबरें थीं हालांकि रिर्पोट में डॉक्टर्स ने प्रेगनेंसी की खबरों को गलत बताया है। 
सुसाइड के बाद मीडिया को दिए बयान में तुनिशा के अंकल संजीव शर्मा ने बताया की रात में उसके डॉक्टर्स और मां से फोन पर तनिषा के मां से बात हुई थी और वो डिप्रेशन में थी। और वो काम को लेकर बहुत पैसनेट थी उसे अपने कैरियर को बहुत ऊंचाई पर लेजाना था, अपने सपने जीना चाहती थी। अपने मां से बहुत प्यार करती थी। मेरी बेटी जैसी थी। 
सुसाइड सवाल के जवाब में संजीव ने कहा कि उसका सेट पर मेकअप रुम में जाकर सुसाइड कर लेना इसमें जरुर कुछ बात है जो शीजान  छिपा रहा है। उससे पूछताछ चल रही है और मैं उसको निर्णय तक लेकर जाऊंगा जो भी हो उसे सजा मिलनी चहिए। 
तुनिशा स्ट्रेस में थी क्या कुछ लास्ट बात हुई आपसे, के जवाब में उन्होंने बताया की वो अभी 19 साल की थी। इतने कम उम्र में इतना सब कुछ करना तो वर्क लोड होता है। बीच में वो थोड़ा परेशान थी मगर उसकी मां से जो बात हुई उन्होंने बताया की ऐसा कुछ नहीं था। 
शादी का दबाव था क्या के जवाब में उन्होंने कहा कि नहीं ऐसा कुछ नहीं था अभी 19 साल की है वो और जहां तक मैं जनता हूं शीजान 28 का है। मैं कभी उससे मिला नहीं हूं। 
आपको लगता है इसमें धर्म को लेकर कुछ असहमति थी इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा की ऐसा कुछ नहीं था। तो मैं धर्म को बीच में लाकर कोई कंट्रोवर्शी नहीं चाहता।
उनके मां से बात नहीं हो पाई क्योंकि उनकी तबीयत ठीक नहीं है वो इस गहरे सदमे हैं। 
ताजा जानाकारी के अनुसार उनके रिश्तेदार चंडीगढ़ और लंदन के उनके रिलेटिव आ रह हैं फिलहाल उनका इंतजार किया जा रहा है। अंतिम संस्कार तभी किया जाएगा। 
सुसाइड के सही कारणों की जानकारी पोस्टमार्टम रिर्पोट के बाद ही मिलेगी। 
ताजा जानकारी के लिए बने रहिए हमारे साथ।



प्रदेश में कोल्ड स्टोरेज की कमी से किसान परेशान

 उत्तर प्रदेश में शीत भंडारण गृह की व्यापक मांग है जिसके सापेक्ष समुचित भंडारण गृह की व्यवस्था नही हैं। जिसकी कमी किसानों को बहुत खल रही है। फसल का समुचित भंडारण ना हो पाने से किसानों को फसल के लगता के अनुरूप मुनाफा नहीं मिल पाता है। 

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के तहत संचालित व हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला स्थित केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान के निदेशक डॉ. स्वरूप कुमार चक्रवर्ती ने बताया कि 

उत्तर प्रदेश में वर्ष 2022 में करीब 140 लाख टन आलू का उत्पादन हुआ है। जो की देश का सबसे ज्यादा आलू उत्पादन करने वाला राज्य है। लेकिन आलू के निर्यात में गुजरात अव्वल है। जो 25 फीसदी आलू का निर्यात करता है। आलू निर्यात में पिछड़ने की वजह है फसल का सही रख रखाव न हो पाना। 

एक रिपोर्ट के अनुसार उत्तर प्रदेश में कुल उतापदन का लगभग 15 से 20 फ़ीसदी फसल का उचित भंडारण नहीं हो पता हैं। किसान फसलों को लेकर कई कई दिनों तक लाइन लगाता है फिर भी उसे कोल्डस्टोर में उसकी फसल रखने की जगह नहीं मिल पाती है। टैक्टर ट्रॉली लेकर आए किसान फसल ना स्टोर किए जाने पर वहीं पलट कर चलें जातें हैं। 

प्रदेश में लगभग 2700 निजी और सरकारी शीत भंडारण गृह हैं। जिनकी अनुमानित भंडारण क्षमता लगभग 120 से 125 लाख मीट्रिक टन है।इस तरह से प्रदेश में 140 लाख मीट्रिक टन के उत्पादन के अनुसार लगभग इस बार भी 14 से 15 लाख मीट्रिक टन का उचित लाभ किसानो को नहीं मिल पायेगा।

देश में आलू के निर्यात की काफी संभावना है। चीन के बाद भारत दूसरा सबसे बड़ा आलू उत्पादक देश है । निर्यात बढ़ने से प्रदेश के किसानों को उनकी फसल का अच्छा भाव मिलेगा। लेकिन उसके लिए आवश्यक है फसल का उचित भंडारण तथा बिक्री।

कोल्ड स्टोरेज या शीत भंडारण गृह की आवश्यकता क्यों 

आपको बता दें कि शीत भण्डारण गृह का उपयोग आपके घर की फ्रिज की तरह ही होता हैं। जहां बड़े पैमाने पर सब्जी और फलों का स्टोर किया जाता हैं 

जिसेसे उनका बिना गुणवत्ता कम किए इस्तेमाल तब भी क्या जा सके जब वो खेत में उपलब्ध ना हों। 

प्रमुख रूप से सब्जी में आलू, कद्दू, प्याज और लहसुन का स्टोरेज किया जाता है। फल में सेब, संतरा, आम, अनार, अन्नास, केला जैसे प्रमुख फसल है।

कोल्ड स्टोरेज की अनुपलब्धता से नुकसान 

देश में आलू उत्पादन प्रति वर्ष बढ़ रहा है किंतु उस अनुपात में आलू के स्टोर की मात्रा घट रही है। जिसके कई दुष्परिणाम है जैसे 

1 पर्याप्त शीत भण्डारण गृह ना उपलब्ध होने के कारण फसलें बर्बाद होती है। अधिकतर किसानों के फसल का सही भंडारण ना होने की वजह से सड़ जाती हैं और कुछ किसान परेशान होकर औने पौने दामों में व्यापारियों को बेच देते हैं।

2 फसल का उचित विक्रय नहीं होने से किसानों की आय में कमी। 

3 निर्यात में कमी। जिसके वजह से विदेशी मुद्रा कोष में घाटा।

कोल्ड स्टोरेज चलाने की समस्या 

कोल्ड स्टोरेज चलाने के लिए बड़े पैमाने पर बिजली लगती और अमोनिया गैस सिलेंडर लगता है।अब कहीं बिजली की समस्या है तो कहीं अमोनिया की। कुछ ऐसे स्टोरेज हैं जो बैंक लोन नहीं चुका पाए। इस लिए कई कोल्ड स्टोर तो बंद पड़ें हैं।

अगर बात की जाए कोल्ड स्टोरे के निर्माण की तो भारत सरकार ने इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार किया है और कोल्ड स्टोरे निर्माण के लिए अनुदान एवम् लोन उपलब्ध करा रही है। किंतु व्यापारियों का कहना है सरकार बिजली और अमोनिया उचित मात्रा में उपलब्ध कराए तब जाकर कही यह समस्या हल हो सकती है। 

कोल्ड स्टोर निर्माण के लिए निजी और सरकारी क्षेत्र को मिल कर काम करना होगा। इस क्षेत्र की चुनौतियों का साझा समाधान ढूंढना होगा।

कोल्ड स्टोर संख्या और क्षमता 

कोल्ड स्टोर की संख्या भंडारण क्षमता से अधिक होनी चाहिए। ताकि फसलों को अच्छे से रख जा सके। फसलें सड़े ना बर्बाद होने से बचें। जिससे उत्पादन स्तर और विक्रय स्तर भी सतत और समानुपाती रहे। यदि उत्पाद का समुचित रख रखाव कर उनका विक्रय हो तो किसानों के साथ साथ सरकार को भी मुनाफा होगा। देश की जीडीपी भी बढ़ेगी। यह अपार संभावनाओं का क्षेत्र है।



कैरियर

कैरियर
एक विद्यार्थी के लिए कैरियर सबसे महत्वपूर्ण आयाम है। ऐसा आयाम है जहां से वह अपने और अपने परिवार के सपनों को पंख देता है। अपने जीवन भर की कड़ी मेहनत के बाद व्यक्ति एक कैरियर प्राप्त करता है। आप एक सफल विद्यार्थी तभी हैं जब आपके पास एक बेहतर कैरियर हो।
साफ तौर पर कैरियर का मतलब आमदनी से है या कहें सोर्स आफ इनकम जिसके जरिए आप भविष्य में अपना एवं अपने परिवार का भरण पोषण करेंगे। जिसका कैरियर उज्जवल नहीं उसका भविष्य अंधकार में रहता है उसके जीवन का कोई लक्ष्य नहीं होता। ई एक अच्छा कैरियर ही आपको और आपके परिवार को सारी खुशियां दे सकता है।

कैरियर और जीवन
जरा सोचिए अपनी पढ़ाई कंप्लीट करने के बाद भी आपके पास कोई कैरियर ना हो तो आप ठगा हुआ महसूस करेगें। वास्तव में आपको अपने कैरियर की शुरुआत अपने अभिरुचि के अनुसार पढ़ाई के दौरान ही कर देनी चाहिए। जब हमारा कैरियर अंधेरे में होता है तो जीवन में सफलता हम से कोसों दूर होती है बिना कैरियर के जीवन यापन कर पाना बड़ा मुश्किल टास्क है एक अच्छा कैरियर ना हो तो हमें आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है पैसों के लिए हमें मोहताज होना पड़ता है।
पर वहीं दूसरी तरफ एक सफल कैरियर बनाने वाला व्यक्ति जीवन की तमाम खुशियों को अपने परिवार को देता है और उनका रहन-सहन भी काफी अच्छा होता है और समाज में उन्हें सम्मान की दृष्टि से देखा जाता है।
अतः जीवन में खुशियां हासिल करने के लिए एक बेहतर कैरियर का होना बहुत जरूरी है।

कैरियर कैसे चुने 

प्रत्येक विद्यार्थी के मन में कॉमन प्रश्न होता है कि वह अपना कैरियर कैसे चुने कौन सा कैरियर विकल्प उसके लिए बेहतर होगा ऐसे असमंजस्य में कई विद्यार्थी कभी-कभी सही निर्णय नहीं ले पाते और कुछ तो दूसरे लोगों की देखा देखी में ऐसा कैरियर चुन लेते हैं कि उन्हें बाद में पछताना पड़ता है।
सबसे पहले आपको ध्यान देना है कि आप अपने लिए उसी कैरियर का चुनाव करें जिसमें आपकी रुचि हो जो कार्य करते समय आप में शक्ति का उत्साह का संचार हो ना कि आलस्य और निद्रा का।
कैरियर का चुनाव आप एक दिन में नहीं कर सकते अतः आपको स्कूलिंग के दौरान से ही अपनी रूचि पर केंद्रित होना होता है फिर असमंजस में नहीं रहेंगे और अच्छे कैरियर का चुनाव करने में सक्षम होंगे।

बेहतर कैरियर के लिए क्या करें 

एक बेहतर कैरियर के लिए आपको अपने कार्यक्षेत्र को समझना होगा। जैसे ही आप अपनी रूचि के कार्यक्षेत्र को पहचान लेते हैं वैसे ही आप अपने लिए एक सूटेबल कैरियर का चुनाव कर लेते हैं।
अर्जुन की तरह आपको अपना लक्ष्य पहले से ही दिखाई देना चाहिए एक बार आपको अपना लक्ष्य मिल गया फिर आपको उसे प्राप्त करने के लिए मेहनत और लगन से जुट जाना है।
यह जरूरी नहीं कि पढ़ने के बाद आप नौकरी ही करें नेता, अभिनेता, बिजनेसमैन या अन्य कोई अभिरुचि के अनुसार कार्य क्षेत्र चुन सकते हैं आप और उस दिशा में आगे बढ़े। बेहतर कैरियर वही है जिसमें आपको उत्साह मिले।

कैरियर में चुनौतियां

कैरियर को चुनते समय आपके सामने कई चुनौतियां आसकती हैं। आपको उन सभी से लड़ने के लिए तैयार रहना चाहिए सबसे पहली चुनौती आपके सामने खड़ी होगी वह है आपका परिवार। जी हां अक्सर देखा गया है कि पारिवारिक दबाव के कारण हम अपनी इच्छाओं को मार देते हैं और परिवार के लोग जो कैरियर चुनने को कहते हैं वह चुन लेते हैं और फिर बाद में आप पछताते हैं।

दूसरी चुनौती आपके सामने खड़ी हो सकती है असमंजस्य की स्थिति। आपका मित्र यदि आप से भिन्न कैरियर चुनता है तो आपके मन में भी इच्छा जागृत होती है कि मैं भी उस कार्य को चुन लूं भले ही आपकी रूचि उस कैरियर में ना हो। जब आप ऐसा करते हैं तो आप देखते हैं आपका मित्र सफल हो जाता है पर आप सफल नहीं हो पाते क्योंकि आपने अपनी रूचि के अनुसार कैरियर नहीं चुना।

तीसरी चुनौती है कैरियर के बारे में पर्याप्त जानकारी ना होना। पढ़ाई पूरी करने के बाद आपको पता ही नहीं होता कि आपकी रूचि का कैरियर कौन सा है ऐसे में आप अखबार और इंटरनेट की मदद ले सकते हैं।
 आप समझ गए होंगे कि चुनौतियों से आपको खुद से निकलना है ना कि कोई निकालेगा।
 हर व्यक्ति के जीवन में अच्छा कैरियर बहुत मायने रखता है बेहतर कैरियर ही आपके सपने पूरे कर सकता है यदि कैरियर अच्छा ना हो तो हम जीवन में संघर्षों में घिर जाते हैं बेहतर भविष्य तभी है जब आपके पास एक बेहतर कैरियर हो। एक ऐसा कैरियर जिसमें उत्साह और उमंग हो गति हो।

self value

आज रात कुछ घंटों की नींद के बाद नींद उचट गई मुझसे।
कुछ मानमनौव्वल किया मगर बात बनी नहीं।
तो सोचा कुछ किया जाए। काफी उधेड़ बुन के बाद पता चला इतनी रात गए टीवी छेड़ना अच्छा नहीं होगा मूवी देखने का मन भी नहीं हुआ। नींद को ढूढ़ता रहा मगर वो भी दस्तक नहीं दी। बैचलर लाइफ में अब खुराफात सूझ तो रही है किन्तु कमरे से बाहर जाना भी मुश्किल क्योंकि बाहर शीतलहर जारी है। आधी रात का समय है क्या ही किया जाए ? 
कई सवाल और उनके उत्तर भी कई।
बात फिर आके बनी अपने पुराने शौक लेखन पर।
तो सोचा कुछ नए नए नक्शे कुछ नई शब्द चित्र रचने की सो सफर शुरू है। आप जानते हैं कि रात इंशन के विकास में अहम रोल प्ले करती है। सारे दिन के व्यस्त शेड्यूल से फ्री होकर जब इंशान अपने आशियाने पर आता है तब ही कुछ अपने बारे में वा शरीर के बारे में सोचने की स्थिति में आता है। फिर भी दिन के पेंडिंग रहा गए कार्य पर दिमाग कसरत करता रहता है। बीते हुए दिन कि और आते हुए दिन की नई नई आशाओं आँकाक्षाओं से घिरा व्यक्ति स्वयं के लिए सोचे या कुछ करें तो कब ?
दिन भर का ऑफिस शेड्यूल, शाम का फैमिली शेड्यूल और फिर बच्चों का शेड्यूल (अगर हैं तो) इनमें ही 24 घंटे जाने हैं।  स्वयं को देख सके या फिर कहें कि स्वयं के अंदर झांक सकें इतना समय निकाल पाना थोड़ा कठिन सा होता जा रहा है। फिर भी कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती, निकल ही आता है समय कभी कभी।

परन्तु फिर वही पुरानी बात रेगुलर नहीं हो पातीं, चीजें बीच मे ही छूट जाती है। कभी कभार समय मिला तो हो गया स्वयं से साक्षातकार। हालांकि  ये एक विशेष मानसिक अवस्था होने के साथ साथ विशेष शारीरिक कला भी है। कुछ खास तो नहीं है किन्तु खास से काम भी नहीं है।
स्वयं पर ध्यान को संतुलित रखना एक उच्च कोटि की योग   पद्धति है। इसका सही आंकलन हम आप टाइम मैनेजमेंट से कर सकते हैं। 
टाइम मैनेजमेंट एक कला है, जो हम मनुष्य को कार्य समय से और समय पर पूरा करने की शिक्षा देती है। जिसके  माध्यम से हम आप अपने डेली लाइफ का शेड्यूल तैयार करके प्रत्येक कार्य को एक निश्चित समय में तय करने का टाइम पीरियड डिसाइड करते हैं। किन्तु परिस्थितियां मनुष्य को बार बार अप डाऊन करती रहती हैं। जिससे मनुष्य टाइम मैनेजमेंट के चक्कर में सेल्फ मैनेजमेंट करने का टाइम मैनेज नही कर पा रहा। 
कभी कभार ये समय यदि मिल जाता है तो रात का जब आप पार्टीस से, दोस्तों से, कलीग से या फिर फैमिली से समय निकाल पाए तो। स्वयं पर फोकस कर सकते हैं।
अपने अंदर झांकने की हिमाकत कर सकते हैं तब।
फिर आप अपने रिजाल्युसन और प्रियोर्टी को दोहरा सकते हैं।
 आप स्वयं से पूछ सकते हैं क्या आप अपने प्रायरटी को ध्यान दे पा रहें हैं ? क्या आपकी प्रॉमिस पूरी हो रही है ? 

आप इन सभी सवालों को खुद से पूछते जरूर होंगें हां इनके शक्ल बदले जरूर हो सकते हैं। 
यदि आप का उत्तर हां हैं टारगेट्स टाइम पर पूरे हो रहे हैं और आप स्वस्थ हैं तो आप स्वयं पर ध्यान दे रहें हैं। और यदि आप परिस्थितियों के कारण अप डाऊन झेल रहे हैं तो आप ठहर कर स्वयं का मूल्यांकन अवश्य करें। 
ये एक बहुत मामूली सा टास्क लगता है पर यदि समय पर ना हो तो भारीभरकम टेंशन बन कर रहता है। 
तो स्वयं पर ध्यान दें साल 2020 अपने आखिरी सप्ताह की ओर है नया साल जोश खरोश के साथ आ रहा है यह उचित समय है जब स्वयं को तैयार कर लेना चाहिए अपने सभी टारगेट्स और ड्यूटीज के लिए।

एक गांव ऐसा भी

जयनगर गांव के लोग अब सरकार को ना कोई लगान देते अपने जोत वाली जमीन का और ना ही किसी प्रकार की सुविधा की अपेक्षा रखते हैं बल्कि वह स्वयं अपने पर निर्भर हैं। सारे लोग गांव की सड़क, बिजली व पानी के साथ साथ, साफ सफाई का पूरा इंतजाम खुद से कर रहे हैं। उनका कहना है कि सरकार जो जनता का पैसा विभिन्न रूपों में ले लेती है जैसे सभी प्रकार के कर। और उसे पब्लिक को वापस कर देती है। सड़कें, नाली, बिजली, पानी व साफ सफाई के सुविधाओं के द्वारा और खाद तेल पर सब्सिडी यह पैसे जनता को मिल जाते हैं। जो कि हम लोगों को नहीं चाहिए। अपने गांव घर की सारी सुविधा साज-सज्जा एवं प्रबंधन हम स्वयं कर लेंगे। बस सरकार यह जितने बैट हैं और सुविधा शुल्क हैं हटा ले। 

हम लोग अपनी सारी भौतिक सुख एवं सुविधाओं का खर्च खुद से वहन करना चाहते हैं।अतः हम आज से धरने पर बैठ रहे हैं। और सरकार से दरखास्त करते हैं कि वह हमारी बात को माने और हमें सभी कर से छूट दे। क्योंकि अभी तक सरकार ने ना हमारे गांव तक लाइट पहुंचाई है। और ना ही सड़कें। यह जो सब आप देख रहे हैं वह गांव श्रमिकों के पसीने का फल है। इसीलिए सरकार हमारे सारे कर माफ करें हम लोग सारे सुख सुविधा खुद से उपलब्ध करा रहे हैं। हमारे यहां कोई सरकारी योजना अभी तक रोशनी नहीं ला पाई थी। जिसको हमारे गांव में लोगों ने अथक परिश्रम आर्थिक योगदान देकर उपलब्ध कराया है।

 वर्तमान समय स्पीड का है अतः हमने जो भी यह भौतिकता गांव को प्रदान की है वह सब हमारे अथक प्रयासों का नतीजा है। हमने इस में धन और तन के साथ-साथ मन का भी पूरा इस्तेमाल किया है। और जिस गांव में खड़ंजा नहीं थे उसी गांव में सीसी सड़कें बना ली गई हैं। तथा उसके साफ सफाई के लिए कार्यकर्ता भी नियुक्त कर लिए हैं हमने। तथा उनके पारिश्रमिक का भी पूरा पूरा ख्याल रखा गया है। अब गांव के किसी कोने व रास्ते पर नाली का पानी नहीं मिलेगा। कोई मलेरिया हैजा का मरीज नहीं मिलेगा। सब स्वस्थ हैं। इतना ही नहीं पूरे गांव में नशा करने वाले भी आपको नहीं मिलेंगे। इन सब के साथ साथ जगह-जगह आपको कूड़ा दान भी मिलेंगे। जहां आपको कूड़ा डालना है।

कृषकों को साग सब्जी उगाने तथा उनके बेचने के लिए बाजार की व्यवस्था है। तथा गांव वाले इन्हीं दुकानों से ही सामान खरीदते हैं वह दूसरे गांव को भी बुलाते हैं कि आप हमारे यहां लगने वाले बाजार से ही सामान ले औरअपना समान बेचें भी। और वह गुणवत्ता परक खाद्य सामग्री भी उपलब्ध कराते हैं। वह सारे आत्मनिर्भर बनकर जीवन जीना चाहते हैं। वो नहीं चाहते कि सरकार पागल बना कर राजनीतिक रोटी सेकती रहे। और वो अपने बाल बच्चों को जीवन की मूलभूत सुख सुविधाओं से वंचित रख कर इस आशा में बैठे रहे कि सरकार तो सब्सिडी देगी। कोई योजना बनाएगी और हम मुफ्त की योजना के लिए आशा करते करते बूढ़े हो जाएं। ना हमें मिले और ना ही हम सक्षम रहें अपने आने वाली पीढ़ी को देने के लिए। हम ऐसा बिल्कुल नहीं चाहते।

 हम अपने बल पर पैरों पर खड़े होकर फौलादी हाथों से अपने भविष्य के उन्नत मस्तक को सफलता का हार एवं खुशी का सेहरा पर पहनाना चाहते हैं।