नमस्कार ....!
मैं श्री निवास द्विवेदी लेके हाजिर हूँ आपकी अपनी विचारशाला ...
भारतीय मुद्रा विश्व में ख्यातिप्राप्त मुद्रा है ।भारतीय रुपया अब वैश्विक माँग बनता जा रहा है जब से भारतीय प्रधानमंत्री ने मेक इन इंडिया कार्यक्रम की शुरवात की है तब से यह मामला अत्ययन्त प्रासंगिक विषय बन कर सामने आया है क्योकि अगर वैश्विक उद्दोगिक कंपनी भारत में निवेश करने आये तो वो यहाँ पैसा जिस रूप में खर्च करे उसी रूप में उनको मुनाफा भी मिले ।
भारत को विश्व उत्पादकता का हब बनने के लिए रूपये के स्वरुप को परवर्तित करना होगा क्या यह कदम भारतीय आर्थिक विकास दर में सकारात्मक साबित होगी ?
क्या भारत को वैश्विक मुद्रा को ध्यान में रख कर रुपये की जगह डॉलर को भातिये मुद्रा के रूप में स्वविकर कर लेना चाहिए ...ताकि विदेशी पूंजीपति भारत में आसानी से पैसा का निवेश कर सकें ।
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