एक केस जिसमें एक लड़का अपने किराए के कमरे में लटका पाया जाता है पुलिस खोज-बीन में अपराधी के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिलते हैं। सुसाइड की गई कमरे की फुटेज पोस्टमार्टम रिपोर्ट सर्विलांस रिपोर्ट सभी की तहकीकात करने के बाद भी पुलिस कातिल तक नहीं पहुंच पाती।
तब केस डिटेक्टिव डेविड को हैंडओवर किया जाता है डेविड फुटेज और बाकी रिपोर्ट को देखकर कुछ नंबर उनमें से निकालता है जो ऑफिसर को फोन नंबर्स के डिटेल निकालने के लिए देता है । डिटेल चेक करके ऑफिसर फुल डिटेल्स डेविड के पास भिजवाता है जिससे पता चलता है कि उनमें से एक नंबर आर्यन का जो कि विदेश में रहता है ।जो शरद ,गौतम (पड़ोस का चाचा ),रितु और सोनम(शरद की गर्लफ्रेंड ) से बात करता है। इतना जानकार डेविड तुरंत गौतम से मिलने जाता है। गौतम से मिलकर पूछताछ करने पर वो स्वीकारता है कि 1 दिन पहले वो शरद से मिलने गया था ।उसके रूम में एक सिगरेट की डिब्बी मिलती है जो शरद के रूम में उसकी सुसाइड वाले दिन मिलती है। डेबिट उस रूम में रखे 3 पैकेट सिगरेट की साथ में लेकर के चला आता है। फिर उसे टेस्ट के लिए लैब भेज देता है। तब तक ऑफिसर सभी नंबर्स के बीच में आपस में हुई बात की रिकॉर्डिंग भेज देता है डेविड को। डेविड तुरंत पुलिस स्टेशन से आर्यन को फोन करवाता है और उसे वापस इंडिया आने के लिए बोलता है इधर गौतम और कामवाली को पुलिस गिरफ्तार कर लेती है। आर्यन के इंडिया आते ही डेविड उनके गुनाहों की सारी रिपोर्ट उनके सामने खोल के रख देता है। पहला गौतम और आर्यन के द्वारा शरद की प्रॉपर्टी पर कब्जा करने के लिए उसको सिगरेट मैं जहर मिलाकर मारना और फन्दे से लटकाने की तरकीब बनाना । दूसरा शरद की बहन रितु को अपने प्यार में गौतम का फसाना जिसके लिए आर्यन गौतम से आधे प्रॉपर्टी का डील करता है। क्योंकि आर्यन चाहता है कि वह सबका अच्छा भैया बना रहे। इन सब में शरद की कामवाली गौतम की मदद करती है वह फोन पर शरद के बेहोश होने से लेकर उसके सिगरेट पीने तक की खबर गौतम को देती रहती है। गौतम सबसे नजर छुपाके कामवाली की साड़ी पहनकर शरद के रूम में रात को जब वह बेहोश हो जाता है तब जाता है कामवाली वहीं पर होती है जो खाना बनाने के लिए आई होती है दोनों मिलकर उसे फंदे से लटका कर वहां से रफूचक्कर हो जाते हैं । और सुबह पता चलता है कि शरद ने सुसाइड कर लिया क्योंकि उसका विदेश जाने का वीजा रद्द हो गया था रद्द का कार्ड उसके पेपर जो होते हैं वह उसके टेबल पर पड़े होते हैं। इस तरह डिटेक्टिव डेविड इस केस को सॉल्व कर पुलिस की मदद करता है जिसमें सिगरेट में सोडियम थायो पेंटिंन मिलाई जाती है जिससे उसकी मात्रा जितनी अधिक होगी किसी भी व्यक्ति को उसको सिगरेट में पीने पर जितनी जल्दी मौत आएगी और जितनी कम होगी उतनी देर में । चुकी सिगरेट के डिब्बे में जितनी सिगरेट होती है उसमें सब में मिलाया गया था यह जहर। इसीलिए गौतम शरद के रूम पर आता है उसके 30 घंटे के बाद शरद की मौत होती है । जहर इस तरीके से मिलाया गया था सिगरेट में कि ये बात पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी पता नही चली।
✏ श्रीनिवास द्विवेदी।
डिटेक्टिव डेविड
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