एक मुजरिम जो रुप बदलने में होशियर है स्मगलिङ और मर्डर के केश में फरार है ।किसी दूसरे स्टेट मे, जिसको पकड़ने के चक्कर में एक इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर की एक होटेल में गोली मार कर हत्या कर दी जाती है और अहेम जानकारी जो उसको पता चलती हैं वो भी मर जाती है । हताश पुलिश डिटेक्टिव डेविड को केश हैन्द वोबर करती है । डेविड को केश से जुड़ी फाइलें और उसकी फोटो दी जती हैं । डेविड फाइल और फोटो चेक करके डायरी में कुछ नोट करता और फिर निकलता है होटेल जिसमे आफिसर कि हत्या होती है. रूम ११४ जिसमे अफिसर ठहरा था । अचनक रूम कि लाइट फ्लैक्चुयेट होने लगती है तो झूमर को हाथ से टच कराता है वो सही हो जाती जहाँ एक मैक्रोफोन लगा होता है . मैक्रोफोन निकाल कर डेविड रख लेता है . फिर नज़र न्यूज़ पेपेर पर जाती है जिसमे कोई खबर है जिसकि कटिंग डेविड डायरी मे रख लेता है। रूम से बाहर निकल कर इधर उधर घूमता है घूमते घूमते बेसमेंट में पहुच जाता है . जहाँ एक कमरा दिखता है जिसमे झांकता है विजय वर्गे जी आप यहाँ? और फिर वो सारी कहानी बताते है किडनैपिंग से लेकर फिरौती लेकर नकली विजय को चामालिङ (होतेल का मालिक) छोड़ देता है. जो उसकी इमेज और शिप का सहारा लेकर स्मगलिङ और क्राइम का कला धन्धा करना चाहता है. परसो वो शिप पर एक पार्टी से अफीम कि दील करने वाला है. ये सुनते हि वो भाग कर हेड आफिस पहुंचता है. पुलिस कि एक टीम जाती है होतल दूसरी अफीम खरिदने . चामालिङ्म और मानिक( विजय नकली) गिरफ्तार कर लिए जातें है और असली विजय अजाद. फिर डेविड बताता है किस तरह -माइक्रोफोन लगाकर कर सी पी की बात सुनना और सच पता चल जाने पर इन्सपेक्टर सी पी को मार दिया जाता है . और मानिक को विजय बनाकर असली विजय को रास्ते से बन्धक बना लिया जाता है और नकली विजय असली बन कर स्मगलिङ करता है कि किसी को शक तक नही होता है .और दोनों को जेल भेज दिया जाता है. शबूत में पेपर कटिंग जिसमे विजय के बंधकों से छूटना तस्वीर के साथ छपा होता है. पर असली कैद में होता है . (केश कि सारे पॉइन्ट डायरी से देख के बताता है. वाच टाइम के लिए, गागल रोडमैप के लिए ।)
✏श्रीनिवास द्विवेदी।
डिटेक्टिव डेविड
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