मझधार में है नैया

मझधार में है नैया है शेरावाली मैया,
मझधार में है नैया तेरे सिवा नहीं कोई और है खेवईया।
हे मैया शेरावाली मैया मझधार में है नैया।1।

बेड़ा पार तू लगा दे, उजड़े हुए चमन को हां बिखरे हुए आंगन को फिर से तू सजा दे।
ओ शेरावाली मैया नैया पार तू लगा दे,
राह भटके राही को किनारा लगा दे।
बेड़ा पार तो लगा दे।
ओ शेरोंवाली मैया मझधार में है नैया,
तेरे सिवा नही कोई और है खेवईया।2।

अपनी शरण में लगा ले मझधार में है नैया,
ओ शेरों वाली मैया नैया पार लगा दे,
तेरे बिन कोई और नहीं है खेवईया,
ओ शेरोंवाली मैया मझधार में है नैया।3।
✏श्रीनिवास द्विवेदी।

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