तुम

उस से बातें कर के दिल में उत्सव सा होने लगता है, रोम रोम खिल उठता है,
जिस्म की हर गली गली में मेला सजता है। मुस्काता है कोना कोना ।
दिल की सरगम पर उसकी यादों का गाना बजने लगता है
पल पल मुस्काना, हंसना हंसाना रूठना मनाना, बस यही तो है तेरा हो जाना।
मैं ढूंढता रहता हूं तुम्हारे चमचमाते दांतों में खुशियां,
जब मुझे यह नहीं मिलते तो मैं करता हूं कुछ जोक मजाकिया।
तभी तुम बोरिंग कहकर नए की आशा बन जाती हो,
नया करने के चक्कर में तुम मेरी परिभाषा बन जाती हो।
तभी हास्य लोक का जोकॅ समंदर उमड़ता है,
जो मेरी जुबान से होकर तुम्हारे होठों पर झलकता है।
दे जाता है मुझे खुशियां।
खुशियों का बहाना, तुमसे मिलना मिलाना,
बस यही तो है तेरा हो जाना।

तू ही मेरी रफ है, तू ही मेरी फेयर।
अब बोल ना देना कहीं हाउ डेयर यू,
मैं करता हूं रेयर वाला लव यू।
मैं खुद को तुझ पर लिख भी सकता हूं,
और मिटा भी सकता हूं।
पेंसिल की तरह, रबड़ की तरह।

तुम मेरी जिंदगी की वह शेर हो ,
जिसे मैं बार-बार पढ़ता रहता हूं।
और वह कहते हैं कि यह क्या करता रहता हूं। जुबां को भाये वही स्वाद हो तुम,
दिल में जो बस जाये वही ख्वाब हो तुम।

जग रही आंखों में भी हो तुम ,
सो रही आंखों में भी हो तुम।
मेरी जिंदगी की घड़ी के हर टिक-टिक में हो तुम। हर पल हर लम्हा हर साया, में तुमको है बसाया। यही तो है तेरा हो जाना...।
✏श्रीनिवास द्विवेदी।

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