दुनिया का सबसे बड़ा रोग,
हाय क्या कहेंगे लोग।
जब मैं अपने ख्वाबों को जी नहीं पाऊंगा,
तब क्या कहेंगे लोग,
प्यासे पंछी की तरह तडफडाउंगा।
हाय क्या कहेंगे लोग।1।
पब्लिक मॉक न्यूज़ माॅक,
पैरेंट माॅक गर्लफ्रेंड माॅक बन जाऊंगा।
हाय बेशर्म भला मैं कैसे जी पाऊंगा।
हूटिंग करके दोस्तों मेरी वाट लगा देंगे,
पल भर में मेरी कई जिंदगी बिता देंगे।
दुनिया का सबसे बड़ा रोग, हाय क्या कहेंगे लोग।2।
पानी की एक एक घूंट मुझ में जहर रहा है घोल,
तू हो गया फेल, किस्मत तेरी बेच रही है तेल।
चल-चल ओड़ा पाव बेच ले,
रेंट के रूम में रेस्टोरेंट खोल ले।
दुनिया का सबसे बड़ा रोग,
हाय क्या कहेंगे लोग।3।
क्यों बे!अभी तेरा हीरो बनने का भूत नहीं उतरा, सुन-सुन के लगता था,
लाइफ थर्टीथ्री थाउजेण्ड वोल्ट का खतरा।
फिर भी कमबख्त दिल के किसी कोने में
एक आशा की किरण चमकती थी,
जो मरने से पहले जीने की आखिरी कोशिश करने को कहती थी।
और ऐसे मुझे हो आया लोभ,
हाय क्या कहेंगे लोग।4।
इधर मैं हो रहा था फेल,
उधर किस्मत का चल रहा था खेल।
रास्ते बनते और बिगड़ते हैं,
किस्मत से हम दिनरात लड़ते और झगड़ते हैं।
किस्मत की मंजिल क्या है कभी नहीं पूछते हैं,
बस अपनी रजा थोपते रहते हैं ।
दुनिया का सबसे बड़ा रोग, हाय क्या कहेंगे लोग।5।
✏श्रीनिवास द्विवेदी।
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