ये आसमा के तारों


नमस्कार..!
आपका होस्ट और दोस्त 'श्री' लेके हाजिर है प्रोग्राम "'नव गीत'" ...

ये आसमा के तारों-सितारों बता दो मेरी धड़कन धक्..धक् धडकती है क्यों..?
परियों पर दिल मेरा मचलता है क्यों..?

इन हवाओं में मन मेरा थिरकता है क्यों..?

फिजवो में उछलता है क्यों..?

न जाने क्यों..ये आसमा के ......./1/



क्यों मुझको जो दीखता है, वो होता नही...

खोजता हूँ वो पर मिलता नही,जाता हूँ मगर न पता कहीं

हर शख्स गीत गाये वो गीत बन जाता कहीं..


दिल मेरा मिल जाता कहीं,कभी कुछ मुझे रास आता नही न जाने क्यों...ये आसमा के.../2


काश मैं भी वो सौगात पाता, प्यार भरे गीत गाता

परियों पे न दिल मचलता और न ही निकम्मा धड़कता

बन कर बाबू घूमता माउन्टआबू

साथ में होती उसकी खुशबू..क्यों ..?

ऐसा होता नही न जाने क्यों...ये आसमा के.../3/

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