न देखूं तो तुझको

नमस्कार!

आपका अपना होस्ट और दोस्त'श्री' लेके हाजिर है दिल के तार को छेड़ने वाले कुछ "शेर"



शेर-1.देख के तुझको दिल में गुदगुदी सी होती है
    न देखूं तो तुझको घुटन सी होती है.

2.इक था पागल दीवाना भौरा,
भौरा थक गया डाल-डाल के फेरा, लेकिन फिर भी कलियों ने सपने में भी नही दिखाया चेहरा.  

3.यूं ही तेरी याद आई और हम खो गये/
 खुशबू भरी हवाओं के झोकों में सो गये/
 सपने में प्यारी वह कली खिल गयी/
 जिसको ढूंढते-ढूंढते आँख मेरी खुल गयी/ 

4.भला क्यों ‘श्री’ अपना कल बेमौत दफनाता हैं
 कर्ज-फर्ज का फंदा डाल गले उफनता हैं/

5.क्या आसमान से बरसने लगे जलजले
 कहाँ गुम हो गए वरदान-ए-जीवन के बुलबुले/

6.या खुदा वो दिन कब आयेगा
 की मेरी नींद में तू आयेगा/ 

7.इतना भी कोई मजबूर न हो
 की तन्हाई सुनने का कोई हजूर न हो/

8.जब बात हो सरहदों कि तो मन का खौफ भी ताकत बन जाता है,

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