शिक्षा

शिक्षा जिनसे है कोसों दूर,
सीने तक उनके पहुंचने दो शिक्षा का नूर। खुला है रंगी आसमां,
भर उड़ान खुद को आजमा।
सवेरा होने से पहले अंधेरा होता है गहरा, अंधेरों में मशाल बनकर चलने से होता है सवेरा।
तू पहचान खुद को चुनोतियों को अवसर बना,
जुबान के पंजे ना लडावो समय से सीखो चलना।
शिक्षा सिखाती है जीना,
जीवनभर शिक्षा रस पीना।1।

निराशा की झुर्रियां है तब तक,
अपने आप पर विश्वास नहीं करते जब तक।
विश्वास का धनी अगर है बनाना,
तो abcd होगा रटना।
जिस हाथ में है शिक्षा,
उसके आसपास नहीं फटकती भिक्षा।
भारत को है विश्व गुरु बनाना,
तो होगा हिय अंधकार मिटाना।
जीवन भर शिक्षा रस पीना शिक्षा..।2।

तुम वीर हो धीर छोड़ो लकीर,
उठो संभालो अपनी तीर।
निशाने को भेदना वक्त की पुकार है,
जागृत हो चेतना युग की ललकार है।
ज्ञान का प्रकाश पुंज प्रखर हो प्रदीप्त, चुनौतियों के चेहरे हों अदीप्त।
फिर निखरेगी कामना,
आदर्शों से करेगी जो सामना।
जीवन भर शिक्षा रस पीना,
शिक्षा सिखाती है जीना..।3।

विचारों को वास्तविक रूप दो,
स्वर्णिम स्वरूप दो।
धरती से गगन तक कोई नहीं है रोक,
तुम चाहो जहां तक पूरव चौक।
एक पैर धरती पर हो एक चांद पर,
एक आंख समुद्र पर हो एक पर्वत पर।
एक हाथ में हो आसमां, दूजे में हो जहां।
यह संभव है विज्ञान हो जहां।
राष्ट्र के कोने-कोने में वैज्ञानिकों हों तब संभव होगा सपना,
जीवन भर शिक्षा रस पीना
शिक्षा सिखाती है जीना..4.
✏श्रीनिवास द्विवेदी।

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