मेरी नजरों को आप की तलाश,
और आप हैं कि हर रोज कर देती मुझे ब्लॉक।
अब बोलो मैं कैसे नई-नई ID से रोज मैसेज। करूं वह भी सेम 143 143,
वह मुझे मैं उसे 143 143
जो मैंने लिखा उसका मतलब था आई लव यू जो,
उसने लिखा उसका मतलब था आई हेट यू।
कैसे पटता यह फर्क जमीन और आसमान का, रिश्ता बन चुका था भारत-पाकिस्तान का।
वह चाह रही थी मैं रुख करूं श्मशान का,
मै चाह रहा था वह रुक करे जुहू का।
जैसे मैंने डेट के लिए दिया ऑफर,
इतने में उसने लगा दिया दो-तीन झापड़।
रोड पर खड़े सब रहे थे देख,
मैंने उससे कहा मेरा गुलाब तो फेंक।
उसने कहा चल हट,
आगे जा कर लिया उसने राइट कट।
मैं भागा उसके पीछे झटपट।
सामने देखा तो एक पार्क था,
जिसमें खड़ा उसका चार्ज था।
पास पहुंचते ही बोली सॉरी डार्लिंग,
बस यह बुके लेने में लग गया टाइम।
बुके देखकर वह मुस्कुराया,
मेरी आंखों से आंसू छलक आया।
हाय राम यह क्या हो गया,
मेरा गुलाब किसी और का हो गया।
अब पता चला किसी का गुलाब किसी को देने में ये माहिर होती हैं,
गुलाब गुलाब होता है,
उसका ना राम रहीम होता है।
जिसके साथ होता है उसका नाम होता है।
✏श्रीनिवास द्विवेदी।
मेरा गुलाब किसी और का हो गया
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